लघुकथाएं | Hindi Short Stories | कमायी | Dr. M.K. Mazumdar - Prerak kahani | Hindi Stories

Breaking

Home Top Ad

लघुकथाएं | Hindi Short Stories | कमायी | Dr. M.K. Mazumdar

लघुकथाएं | Hindi Short Stories | कमायी | Dr. M.K. Mazumdar | laghu katha | M.K. Majumdar | संकलन | लघुकथा संग्रह | Inspirational Stories | Hindi| Short Stories | Perak Kahani | Hindi Sahitya | maanoj mantra | manoj kumar | हिंदी लघु-कथाएं | Short story | hindi short story | लघु कहानी | लघुकथा | साहित्य कथा | साहित्य लघु कहानी हिन्दी में | Hindi Short Stories moral | hindi laghu katha
लघुकथाएं | Hindi Short Stories | कमायी | Dr. M.K. Mazumdar 


laghu katha | लघुकथाएं | Hindi Short Stories | कमायी | Dr. M.K. Mazumdar





‘कमायी’ डाॅ. एम.के. मजूमदार द्वारा लघुकथा संग्रह में से एक है। इनकी लघुकथाएं देश के विभिन्न पत्रिकाओं और पेपर में प्रकाशित हो चुकी है। कल और आज के परिवेश में काफी बदलाव आया है। हो सकता है कुछ लघुकथाएं वर्तमान समय में अटपटी लगे पर अनेक लघुकथाएं आज के सदंर्भ में भी उतनी ही सटीक बैठती हैं जितनी की उस वक्त. लघुकथा के परिवेश और काल को समझने के लिए प्रत्येक लघुकथा के लेखन के वर्ष को भी दर्शाया गया है जिससे पाठक उस काल को ध्यान में रखकर लघुकथा की गहराई को महसूस कर सकें। आप भी इन्हें पढ़े और अपने विचार कमेंट बाॅक्स में जरूर लिखें।




कमायी



या अली ..... भर दे सबकी ... झोली।

जो दे भला ..... जो न दे उसका भी भला।

हाथ फैलाये उस हट्टे-कट्टे नौजवान को मैंने गौर से देखा। दुकानदार ने कुछ सिक्के देने के लिए हाथ बढ़ाया तो मैंन उन्हें रोक दिया।

‘‘जवान हो ..... हट्टे-कट्टे भी ..... कोई काम नहीं कर सकते?’’

जवाब दिए बिना उसने वही वाक्य दोहराया।

‘‘या अली ....... भर दे सबकी झोली ......

जो दे भला ...... जो न दे भला।’’

मैंने तेज स्वर में कहा, ‘‘तुम ने मेरे सवाल का जवाब नहीं दिया?’’

‘‘या अली, तनख़्वाह कितनी दें सकते हो। दो सौ ..... चार सौ या पांच सौ रूपये महीने .... उससे ज्यादा नहीं ..... उससे ज्यादा मैं अल्लाह के नाम पर कमा लेता हूं .....। या अली ...... भर दे सबकी झोली .... जो दे भला .... जो न दे भला।’’ कहता हुआ आगे बढ़ गया।

मैं और दुकानदार अवाक से उसे जाते हुए देखते रहे।........... More (1987)



laghu katha | लघुकथाएं | Hindi Short Stories | कमायी | Dr. M.K. Mazumdar | M.K. Majumdar | लघुकथाएं | संकलन | लघुकथा संग्रह | Inspirational Stories | Short story chor, लघु कहानी, लघुकथा, साहित्य कथा, साहित्य लघु कहानी हिन्दी में, prerak kahani, prerak kahaniyan, motivational story in hindi, motivational stories for employees

Read This :

Women Business,  1000 रूपए से शुरू     हजार में खड़ा करें करोड़ों का बिजनेस     10 हजार में शुरू करें बिजनेस

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी: केवल इस ब्लॉग का सदस्य टिप्पणी भेज सकता है.

Pages