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लघुकथाएं | Hindi Short Stories | बीमारी | Dr. M.K. Mazumdar
लघुकथाएं | Hindi Short Stories | बीमारी | Dr. M.K. Mazumdar
‘बीमारी’ डाॅ. एम.के. मजूमदार द्वारा लघुकथा संग्रह में से एक है। इनकी लघुकथाएं देश के विभिन्न पत्रिकाओं और पेपर में प्रकाशित हो चुकी है। कल और आज के परिवेश में काफी बदलाव आया है। हो सकता है कुछ लघुकथाएं वर्तमान समय में अटपटी लगे पर अनेक लघुकथाएं आज के सदंर्भ में भी उतनी ही सटीक बैठती हैं। लघुकथा के परिवेश और काल को समझने के लिए प्रत्येक लघुकथा के लेखन के वर्ष को भी दर्शाया गया है जिससे पाठक उस काल को ध्यान में रखकर लघुकथा की गहराई को महसूस कर सकें। आप भी इन्हें पढ़े और अपने विचार कमेंट बाॅक्स में जरूर लिखें।
बीमारी
‘‘कितनी बार कहा, गिरी हुई चीज़े नहीं उठाते।’’
मां ने बच्चे की ओर एक चम्मच बढ़ा दिया।
‘‘मां गुड्डी, टिन्कू नीचे गिरी चीजें़ उठा कर खा लेते है।’’
‘‘बेटे इससे बीमारी फैलती है .......’’, पिता ने समझाया।
‘‘पिताजी जब आप आटीं (आया) का मुंह ... और मम्मी आप अंकल (ड्राइवर) का मुंह चुमते हैं तब बीमारी नहीं फैलती?’’
पति-पत्नी की निगाह एक-दुसरे से टकरा कर बच्चे पर अटक गयी।..........More (1980)
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