लघुकथाएं | Hindi Short Stories | तेरे बिन | Dr. M.K. Mazumdar - Prerak kahani | Hindi Stories

Breaking

Home Top Ad

लघुकथाएं | Hindi Short Stories | तेरे बिन | Dr. M.K. Mazumdar

लघुकथाएं | Hindi Short Stories | तेरे बिन | Dr. M.K. Mazumdar
लघुकथाएं | Hindi Short Stories | तेरे बिन | Dr. M.K. Mazumdar

लघुकथाएं | Hindi Short Stories | तेरे बिन | Dr. M.K. Mazumdar

तेरे बिन 





‘तेरे बिन ’ डाॅ. एम.के. मजूमदार द्वारा लघुकथा संग्रह में से एक है। इनकी लघुकथाएं देश के विभिन्न पत्रिकाओं और पेपर में प्रकाशित हो चुकी है. कल और आज के परिवेश में काफी बदलाव आया है। हो सकता है कुछ लघुकथाएं वर्तमान समय में अटपटी लगे पर अनेक लघुकथाएं आज के सदंर्भ में भी उतनी ही सटीक बैठती हैं। लघुकथा के परिवेश और काल को समझने के लिए प्रत्येक लघुकथा के लेखन के वर्ष को भी दर्शाया गया है जिससे पाठक उस काल को ध्यान में रखकर लघुकथा की गहराई को महसूस कर सकें। आप भी इन्हें पढ़े और अपने विचार कमेंट बाॅक्स में जरूर लिखें।




तेरे बिन


 ‘‘मैं तुम्हारे बिना जी नहीं सकता।’’ यह वाक्य वह हर बार पे्रम पत्र में लिखा करता।

 उसकी प्रेमिका बेवफा निकली या घर वालों से बगावत न कर सकी। उसकी शादी अन्य किसी के साथ  दुसरे शहर मंे हो गयी।

 आज उसने एक नयी प्रेमिका ढुढ़ ली।

 प्रेम पत्र में ‘‘मैं  तुम्हारे बिना जी नहीं सकता’’ लिखना नहीं भूला।.......More                 (1982)



Read this :-  सस्ते ऑटो मार्केट जहां आधे दाम पर बिकते हैं ऑटो पार्ट्स बिजनेस



लघुकथाएं | Hindi Short Stories | इसी बहाने | Dr. M.K. Mazumdar | laghu katha | M.K. Majumdar | संकलन | लघुकथा संग्रह | Inspirational Stories | Hindi| Short Stories | Perak Kahani | Hindi Sahitya | maanoj mantra | manoj kumar | हिंदी लघु-कथाएं | Short story | hindi short story | लघु कहानी | लघुकथा | साहित्य कथा | साहित्य लघु कहानी हिन्दी में | Hindi Short Stories moral | hindi laghu katha

Read This :-

Women Business    Business Ideas   Online Business   Low Budget  Manufacturind Business   Grameen Business      

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी: केवल इस ब्लॉग का सदस्य टिप्पणी भेज सकता है.

Pages